CIBIL Score: आज के समय में लोन लेना हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है। चाहे घर हो, गाड़ी हो या फिर व्यक्तिगत जरूरतें, हम अक्सर अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक और अन्य वित्तीय संस्थान आपको लोन देने से पहले सबसे पहले आपके सिबिल स्कोर (CIBIL Score) की जांच करते हैं? सिबिल स्कोर एक ऐसा मापदंड है जो आपकी वित्तीय स्थिति और क्रेडिट इतिहास को दर्शाता है। यह 300 से 900 के बीच एक तीन अंकों की संख्या होती है। यह स्कोर जितना अधिक होगा, उतनी ही आसानी से और बेहतर शर्तों पर आपको लोन मिल सकता है।
सिबिल स्कोर की श्रेणियां और उनका महत्व
सिबिल स्कोर को आमतौर पर चार श्रेणियों में बांटा जाता है। 300-500 के बीच का स्कोर खराब माना जाता है। इस रेंज में स्कोर होने पर लोन मिलना काफी मुश्किल हो जाता है, क्योंकि बैंक आपको वित्तीय रूप से अविश्वसनीय मानसकते हैं। 550-650 के बीच का स्कोर औसत माना जाता है। इस स्थिति में कुछ बैंक आपको लोन दे सकते हैं, लेकिन ब्याज दर अधिक हो सकती है और शर्तें भी सख्त हो सकती हैं।
650-750 के बीच का स्कोर अच्छा माना जाता है। इस रेंज में स्कोर होने पर आपको आसानी से लोन मिल सकता है, हालांकि कुछ शर्तें लगाई जा सकती हैं। सबसे अच्छा स्कोर 750-900 के बीच माना जाता है। यदि आपका स्कोर इस रेंज में है, तो आप कम ब्याज दरों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं और आपको सबसे अच्छे ऑफर्स भी मिल सकते हैं। यही नहीं, 750 से ऊपर का स्कोर होने पर आप ईएमआई (EMI) पर कोई भी सामान आसानी से खरीद सकते हैं।
खराब सिबिल स्कोर के परिणाम
अगर आपका सिबिल स्कोर 500 से कम है, तो आपके लिए वित्तीय संस्थानों से लोन लेना बहुत मुश्किल हो जाता है। यदि किसी तरह आपको लोन मिल भी जाता है, तो उस पर बहुत अधिक ब्याज दर लगाई जा सकती है। इसके अलावा, आपको अतिरिक्त दस्तावेज और गारंटी देनी पड़ सकती है। खराब सिबिल स्कोर के कारण आपका क्रेडिट कार्ड अप्लीकेशन भी रिजेक्ट हो सकता है, और यहां तक कि नौकरी के अवसर भी प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि कई कंपनियां अब नए कर्मचारियों के सिबिल स्कोर की भी जांच करती हैं।
सिबिल स्कोर को प्रभावित करने वाले कारक
आपके सिबिल स्कोर को कई कारक प्रभावित करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है आपका भुगतान इतिहास, यानी आप अपने क्रेडिट कार्ड बिल या लोन की ईएमआई को समय पर चुकाते हैं या नहीं। लेट पेमेंट या डिफॉल्ट आपके स्कोर को बहुत नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। दूसरा महत्वपूर्ण कारक है आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात, यानी आप अपनी उपलब्ध क्रेडिट लिमिट का कितना उपयोग करते हैं। अगर आप अपनी क्रेडिट लिमिट का 80% से अधिक उपयोग करते हैं, तो यह आपके स्कोर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है।
इसके अलावा, आपके क्रेडिट इतिहास की अवधि भी महत्वपूर्ण है। जितना लंबा और स्थिर आपका क्रेडिट इतिहास होगा, उतना ही बेहतर आपका स्कोर होगा। एक अन्य कारक है क्रेडिट मिक्स, यानी आपके पास किस प्रकार के ऋण हैं। एक संतुलित क्रेडिट मिक्स, जिसमें सुरक्षित ऋण (जैसे होम लोन) और असुरक्षित ऋण (जैसे पर्सनल लोन) का संतुलन हो, आपके स्कोर को बेहतर बना सकता है।
खराब सिबिल स्कोर को सुधारने के उपाय
अगर आपका सिबिल स्कोर 500 से कम है, तो घबराएं नहीं। इसे सुधारने के कई तरीके हैं, हालांकि इसमें समय लग सकता है। आमतौर पर, खराब स्कोर को सुधारने में कम से कम 6 महीने से लेकर 1 साल तक का समय लग सकता है। सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण कदम है अपने सभी भुगतानों को समय पर करना। अपने क्रेडिट कार्ड बिल और लोन की ईएमआई को हमेशा निर्धारित तिथि पर या उससे पहले चुकाएं। यह आपके स्कोर को सुधारने का सबसे प्रभावी तरीका है।
दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है अपने क्रेडिट कार्ड का समझदारी से उपयोग करना। कोशिश करें कि आप अपनी क्रेडिट लिमिट का 30-50% से अधिक उपयोग न करें। अगर आप क्रेडिट कार्ड की लिमिट का 80% से ज्यादा उपयोग करते हैं, तो यह आपके सिबिल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसलिए, हमेशा अपनी लिमिट के अनुसार खर्च करें और बिल का पूरा भुगतान करें, न कि केवल न्यूनतम देय राशि।
तीसरा, एक साथ बहुत सारे लोन अप्लाई न करें। अगर आप अलग-अलग बैंकों में बार-बार लोन के लिए अप्लाई करते हैं, तो इससे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और सिबिल स्कोर गिर सकता है। इसलिए, पहले अपनी आवश्यकताओं और योग्यता का आकलन करें, फिर केवल उन बैंकों में आवेदन करें जहां आपको लोन मिलने की संभावना अधिक हो।
चौथा, अगर आपके ऊपर पहले से कोई कर्ज बकाया है, तो उसे जल्द से जल्द चुकता करें। पुराने बकाया ऋणों को चुकाने से आपका सिबिल स्कोर धीरे-धीरे सुधरने लगेगा। अगर आप एक साथ पूरा भुगतान नहीं कर सकते, तो बैंक से बात करके ईएमआई पुनर्गठन या छूट की संभावना तलाशें।
पांचवां, अपने क्रेडिट मिक्स को संतुलित रखें। अगर आपके पास सिर्फ एक ही प्रकार का कर्ज है, तो यह आपके स्कोर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। एक संतुलित क्रेडिट मिक्स, जिसमें सुरक्षित और असुरक्षित ऋण दोनों शामिल हों, आपके स्कोर को बेहतर बना सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आप बिना आवश्यकता के कर्ज लें। केवल वही ऋण लें जिनकी आपको वास्तव में आवश्यकता है और जिन्हें आप आसानी से चुका सकते हैं।
सिबिल स्कोर आपके वित्तीय जीवन का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह न केवल आपको लोन मिलने में मदद करता है, बल्कि इससे आपको बेहतर ब्याज दरें और शर्तें भी मिल सकती हैं। 750 से ऊपर का सिबिल स्कोर आपको वित्तीय बाजार में एक विशेष स्थान देता है, जहां आप आसानी से कम ब्याज दरों पर लोन प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए, हमेशा अपने सिबिल स्कोर को बेहतर बनाए रखने का प्रयास करें। याद रखें, अच्छा सिबिल स्कोर बनाने में समय लगता है, लेकिन इसे खराब होने में बहुत कम समय लगता है। इसलिए, अपने वित्तीय व्यवहार में सावधानी बरतें और समय पर अपने सभी भुगतान करें। अच्छा सिबिल स्कोर न केवल आपके वर्तमान, बल्कि आपके भविष्य के वित्तीय निर्णयों को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है। इसमें दी गई जानकारी आम समझ और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के दिशानिर्देशों के आधार पर है। विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों की अपनी अलग-अलग नीतियां और मानदंड हो सकते हैं। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले, कृपया संबंधित संस्थान से पुष्टि करें या वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। लेखक या प्रकाशक इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।