PM Vishwakarma Yojana: भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में कारीगरों और शिल्पकारों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एक ऐसी महत्वाकांक्षी परियोजना है जो इन्हीं पारंपरिक कलाकारों और श्रमिकों के जीवन में व्यापक बदलाव लाने का प्रयास करती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 अगस्त 2023 को घोषित और 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा दिवस पर शुरू की गई यह योजना, देश के पारंपरिक कारीगरों के लिए एक नई उम्मीद है।
योजना का व्यापक दृष्टिकोण
इस योजना का मूल उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों, बुनकरों, सुनारों, लोहारों, कपड़े धोने वालों और अन्य श्रमिक वर्गों को व्यापक आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है। योजना का लक्ष्य लगभग 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को लाभान्वित करना है, जो भारत की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेगा।
वित्तीय सहायता
योजना के तहत कारीगरों को अत्यंत रियायती ब्याज दरों पर ऋण प्रदान किया जाएगा। पहली किश्त में 1 लाख रुपये और दूसरी किश्त में 2 लाख रुपये का ऋण 5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह वित्तीय सहायता उन्हें अपने व्यवसाय को विस्तार देने और आधुनिक उपकरणों में निवेश करने में मदद करेगी।
कौशल प्रशिक्षण
योजना में दो स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। प्रथम स्तर पर 40 घंटे का बुनियादी प्रशिक्षण दिया जाएगा जो कारीगरों को उनके मूल कौशल को बेहतर बनाने में मदद करेगा। द्वितीय स्तर पर 120 घंटे का उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा जिसमें कारीगरों को उनके कार्य क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने में सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का भुगतान भी किया जाएगा।
डिजिटल सशक्तिकरण
एक अभिनव पहल के रूप में, योजना डिजिटल कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान करती है। इससे कारीगर ऑनलाइन बाजारों तक पहुंच सकेंगे और अपने उत्पादों को व्यापक स्तर पर बेच सकेंगे। यह उनके व्यवसाय के विस्तार और आय में वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
टूलकिट
योजना का एक अनूठा पहलू 15,000 रुपये का टूलकिट है जो प्रशिक्षण पूरा करने के बाद लाभार्थियों को प्रदान किया जाता है। यह टूलकिट उन्हें अपना स्वयं का व्यवसाय शुरू करने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगा।
लाभार्थी पात्रता
योजना में भारतीय नागरिकों के लिए व्यापक पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं। न्यूनतम आयु 18 वर्ष, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से संबंधित होना और शारीरिक रूप से स्वस्थ होना प्रमुख पात्रता शर्तें हैं।
आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा के साथ, योजना में प्रवेश बेहद सरल बनाया गया है। आवेदकों को केवल आधार कार्ड, वोटर आईडी, फोटो, मोबाइल नंबर, ईमेल और बैंक खाता विवरण की आवश्यकता होती है।
सामाजिक परिवर्तन
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना केवल एक आर्थिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन की परिकल्पना है। यह योजना पारंपरिक कारीगरों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सम्मान और अवसर भी प्रदान करती है।
यह योजना भारत की समृद्ध कारीगर परंपरा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाएगी, बल्कि पूरे समाज के लिए एक नई आशा का संचार करेगी।
यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से संबंधित नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए सरकारी आधिकारिक स्रोतों से परामर्श लें। योजना के नियम और शर्तें समय-समय पर बदल सकती हैं, अतः हमेशा नवीनतम जानकारी की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है।